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Chhattisgarh
Chhattisgarh छत्तीसगढ़: रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में नियुक्तियों और पदोन्नतियों को लेकर बड़े घोटाले के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर अस्थायी और प्रोजेक्ट आधारित कर्मचारियों को सीधे उच्च शैक्षणिक और प्रशासनिक पदों पर नियुक्त किया गया, जिससे विश्वविद्यालय पर हर साल करीब 50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है।
आरोपों के अनुसार, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से जुड़े ट्रेनिंग एसोसिएट और जूनियर वैज्ञानिक जैसे अस्थायी पदों पर नियुक्त कर्मचारियों को प्रोफेसर, डीन और यहां तक कि कुलपति जैसे महत्वपूर्ण पदों पर पदोन्नत कर दिया गया। दस्तावेजों के मुताबिक, ये कर्मचारी नियमित संवर्ग का हिस्सा नहीं थे और न ही राज्य शासन के अधीन थे, इसके बावजूद उन्हें उच्च जिम्मेदारियां सौंप दी गईं।
वेतन संरचना में भी गंभीर अनियमितता के आरोप हैं। जिन पदों पर 1 से 1.5 लाख रुपये मासिक वेतन निर्धारित होना चाहिए था, वहां 3 से 4 लाख रुपये तक भुगतान किए जाने की बात सामने आई है। इससे विश्वविद्यालय की वित्तीय स्थिति पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।
मामले में यह भी सामने आया है कि कुछ अधिकारियों के प्रमोशन और वेतन निर्धारण में वेतन आयोग की गाइडलाइंस का उल्लंघन किया गया। बिना आवश्यक शैक्षणिक योग्यता के भी समय से पहले पदोन्नति और अतिरिक्त वेतन वृद्धि देने के आरोप लगाए गए हैं। आरोपों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं और पूरे मामले की जांच की मांग की जा रही है।
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